का सरल उत्तर
महामृत्युंजय अनुष्ठान में दान: गोदान, स्वर्ण दान, वस्त्र दान, अन्न दान। रोग-निवारण में औषधि दान और निर्धन भोजन पुण्यकारी। अंत में 13 ब्राह्मणों और कन्याओं को सात्विक भोजन और दक्षिणा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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