का सरल उत्तर
दार्शनिक रहस्य: ककड़ी जैसे पकने पर सहज बेल से अलग होती है — वैसे ही आयु पूर्ण होने पर बिना पीड़ा-भय के सहज मृत्यु की प्रार्थना। यह मृत्यु टालने का नहीं, 'मृत्यु के भय' पर विजय का मंत्र है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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