का सरल उत्तर
महर्षि निमि एक महान ऋषि थे, जो ब्रह्मा जी के मानस पुत्र महर्षि अत्रि के वंश में हुए थे। उनके पुत्र की अकाल मृत्यु से उत्पन्न शोक के कारण उन्होंने ब्राह्मणों को सात्त्विक भोजन कराया, जिससे श्राद्ध की लौकिक परम्परा का आरंभ हुआ। वराह पुराण में उनकी कथा का वर्णन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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