महर्लोक में योग-अग्नि से पोषण कैसे होता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
महर्लोक में ऋषिगण अष्टांग योग से जाग्रत आंतरिक योग-अग्नि और परब्रह्म के ध्यान से ही पोषण प्राप्त करते हैं। यहाँ अन्न-जल की आवश्यकता नहीं होती।
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