का सरल उत्तर
महर्षि दधीचि ने स्वर्लोक की रक्षा के लिए अपना शरीर त्याग दिया। उनकी अस्थियों से बने वज्र से इन्द्र ने वृत्रासुर का वध किया। यह बलिदान स्वर्लोक के इतिहास में अमर है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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