का सरल उत्तर
मकर संक्रांति का संचित पुण्य तत्काल नष्ट होता है: कठोर वचन बोलने से, किसी असहाय/निर्धन/अनाथ/भिक्षुक का अपमान करने से।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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