मकर संक्रांति पर स्नान का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मकर संक्रांति पर स्नान = नित्य कर्म। धर्मसिंधु: स्नान न करने से 7 जन्म तक दरिद्र और रोगी। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान = 10,000 गोदान का पुण्य।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
स्नान विधि
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।