का सरल उत्तर
मकर संक्रांति पर स्नान = नित्य कर्म। धर्मसिंधु: स्नान न करने से 7 जन्म तक दरिद्र और रोगी। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान = 10,000 गोदान का पुण्य।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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