का सरल उत्तर
तर्पण मंत्र (यजुर्वेद): 'ॐ उदीरतामवर उत्पास उन्मध्यमाः पितरः सोम्यासः। ॐ आयन्तु नः पितरः सोम्यासोऽग्निष्वात्ताः पथिभिर्देवयानैः॥' विधि: दक्षिण दिशा में मुख करके अंजलि से तिल मिश्रित जल अर्पित करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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