माला जप में अंगूठे और मध्यमा से ही मनके क्यों फेरते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अंगूठा = अग्नि/ब्रह्म। मध्यमा = आकाश (शुद्धतम)। अग्नि + आकाश = शक्ति + शून्यता। तर्जनी = वायु (चंचल — वर्जित)। 'मंत्र मुद्रा' = ऊर्जा संचार।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंत्र जप नियम
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।