का सरल उत्तर
अंगूठा = अग्नि/ब्रह्म। मध्यमा = आकाश (शुद्धतम)। अग्नि + आकाश = शक्ति + शून्यता। तर्जनी = वायु (चंचल — वर्जित)। 'मंत्र मुद्रा' = ऊर्जा संचार।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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