का सरल उत्तर
मंदिर में भजन सुनने से — चित्त शुद्धि, श्रवण-भक्ति का पालन, सत्संग का फल, देवता-चेतना से संपर्क और पुण्य-संचय होता है। यह आध्यात्मिक उन्नति का सरलतम मार्ग है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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