मांसाहारी भक्तों की पूजा भगवान स्वीकार करते हैं क्या?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गीता(9.30): 'दुराचारी भी अनन्य भक्ति करे=साधु।' भगवान भाव देखते हैं। शाकाहार=उत्तम(सात्विक), पर मांसाहार=पूजा अयोग्य ऐसा कहीं नहीं। पूजा दिन सात्विक रहें। सच्ची भक्ति=सबसे बड़ी शर्त।
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