का सरल उत्तर
मंत्र साधना का अंतिम लक्ष्य: जीव को परब्रह्म में विलीन करना और यह साक्षात्कार कराना कि हमारा वास्तविक स्वरूप नित्य, शुद्ध, मुक्त 'साक्षी आत्मा' ही है — कर्म-बंधन से आनंदपूर्ण जीवन की ओर।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।