का सरल उत्तर
बाण को धनुष पर चढ़ाकर देव का ध्यान और बीज-मंत्र उच्चारण से अभिमंत्रित किया जाता था। मन की एकाग्रता और शुद्धता अनिवार्य थी। अस्त्र की शक्ति वस्तु में नहीं — मंत्र और भाव में थी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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