मनुष्य पर 'पितृ-ऋण' क्या होता है और इससे मुक्ति कैसे मिलती है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मनुष्य जन्म से ही पूर्वजों के कर्ज (पितृ ऋण) में बंधा होता है। इससे मुक्ति केवल श्राद्ध और तर्पण करके ही मिल सकती है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
दार्शनिक आधार
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।