मार्कण्डेय और महामृत्युंजय मंत्र की कथा क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
महर्षि मृकंडु ने अल्पायु किंतु गुणवान पुत्र मार्कण्डेय को चुना। १६ वर्ष की अल्पायु जानकर मार्कण्डेय ने शिवलिंग के समक्ष इस मंत्र का जप किया — जप ऊर्जा और शिव कृपा ने यमराज को पराजित किया और मार्कण्डेय चिरंजीवी हुए।
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महामृत्युंजय मंत्र परिचय
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