मासिक धर्म में मंत्र जप करना चाहिए या नहीं
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मानसिक जप = सदैव अनुमत (सर्वसम्मत)। माला जप = कुछ में वर्जित। श्रवण = अनुमत। भगवान भाव देखते हैं — मन में ईश्वर स्मरण कभी वर्जित नहीं, किसी भी अवस्था में।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
दैनिक आचार
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।