का सरल उत्तर
'मातृदेवो भव'(तैत्तिरीय)=पहले देवता। जन्मदाता(ईश्वर माध्यम), सबसे बड़ा ऋण(कभी न चुके), आशीर्वाद=सबसे शक्तिशाली मंत्र। 'माता-पिता प्रसन्न=तीर्थ अनावश्यक।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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