मातंगी साधना में वामाचार और दक्षिणाचार क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वामाचार: उच्छिष्ट (जूठन) का प्रयोग + चांडालिनी स्वरूप = सामाजिक शुद्धता का अतिक्रमण। सुमुखी कवच: रजस्वला स्त्री का स्पर्श + वस्त्र का होम = वामाचारी क्रिया। कर्ण मातंगी = दोनों (दक्षिणाचार या वामाचार) से की जा सकती है।
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