का सरल उत्तर
मेघनाद अदृश्य दिव्य रथ पर अकेले इंद्र की पूरी सेना से लड़ा और इंद्र को बंदी बनाकर लंका लाया। तब ब्रह्मा ने मध्यस्थता की और उसे 'इंद्रजीत' की उपाधि दी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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