का सरल उत्तर
मीमांसा दर्शन के अनुसार स्वर्ग वह सुख है जो दुःख से मिश्रित नहीं है, जिसके बाद कोई पतन नहीं और जो केवल इच्छा करने मात्र से प्राप्त हो जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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