का सरल उत्तर
प्रसाद घर लाना अत्यन्त शुभ — परिवार में बाँटना विशेष पुण्य। नियम: दाहिने हाथ से ग्रहण, जूठा न छोड़ें, भूमि पर न गिराएँ। सूखा प्रसाद रख सकते हैं, चरणामृत तत्काल ग्रहण करें। खराब होने पर जल/वृक्ष में विसर्जित करें, कूड़ेदान में नहीं। प्रसाद बेचना वर्जित।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।