का सरल उत्तर
अष्ट सात्विक भाव 'अश्रु'=भक्ति गहराई। हृदय शुद्धि, आत्मा-परमात्मा मिलन। चैतन्य: 'आँसू न आएँ=पत्थर।' रोकें नहीं=शुद्ध भक्ति। न आएँ≠भक्ति नहीं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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