मंदिर में पूजा से मोक्ष कैसे प्राप्त होता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गीता (18.65-66): भगवान का वचन — केवल मुझे शरण लो, सभी पापों से मुक्ति। भागवत (1.2.6): निष्काम भक्ति ही श्रेष्ठ धर्म। मोक्ष-क्रम: निष्काम पूजा → कर्म-क्षय → अहंकार-विसर्जन → ब्रह्मलीनता। केवल कर्मकांड पर्याप्त नहीं।
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मंदिर पूजा
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