का सरल उत्तर
मंदिर ध्यान: मंडप/प्रांगण में शांत कोना। प्रातः/संध्या — भीड़ से बचें। आसन पर पद्मासन/सुखासन। प्राणायाम: अनुलोम-विलोम (मन्द), गहरी श्वास। ध्यान: मूर्ति देखें→आँखें बंद→मन में धारण, या मानसिक मंत्र जप। 10-30 मिनट। अन्य भक्तों को बाधा न दें। मंदिर ऊर्जा = ध्यान गहरा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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