मंदिर में प्रसाद अपने दाएं हाथ में क्यों लेना चाहिए?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
दाहिना हाथ: शुभ/पवित्र (परम्परा), देव हस्त (बायाँ=पितृ), सूर्य नाड़ी (सक्रिय/ग्रहणशील), स्वच्छता (बायाँ=शौच कर्म)। विधि: अंजलि मुद्रा (दाहिना ऊपर) या दाहिने हाथ से। सभी शुभ कार्य दाहिने से।
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मंदिर रहस्य
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