का सरल उत्तर
गीता (9.26): श्रद्धा से अर्पित कुछ भी स्वीकार। देवता-अनुसार: विष्णु (माखन-खीर-तुलसी), शिव (बेलफल-दूध), काली (गुड़हल-नारियल), गणपति (मोदक), हनुमान (लड्डू-सिन्दूर), लक्ष्मी (खीर-कमलगट्टे)। नियम: सात्विक, ताजा, स्वयं न चखें। जप से पहले अर्पण, बाद में प्रसाद।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।