मंत्र जप के दौरान मन को स्थिर कैसे रखें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मन स्थिर करें: धीरे जप (अर्थ के साथ)। श्वास के साथ मंत्र। 'भगवान देख रहे हैं' — यह भाव। पातंजल: दीर्घकाल + निरंतरता + सत्कार = दृढ़ अभ्यास। थकान पर रोकें। गीता 6.25: 'धीरे-धीरे, धैर्य से।' भटकाव के बाद लौटना ही अभ्यास है।
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