मंत्र जप में गुरु की क्या भूमिका होती है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गुरु की भूमिका: मंत्र चयन (स्वभाव अनुसार), शक्तिपात (साधना ऊर्जा हस्तांतरण), सही विधि, बाधाओं में मार्गदर्शन। कुलार्णव: 'गुरु कृपा बिना ज्ञान नहीं।' गुरु न मिलें तो: शास्त्र को गुरु मानें या 'भगवान ही मेरे गुरु' — यह भाव।
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