मंत्र जप में माला का सुमेरु उल्लंघन करने से क्या दोष लगता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सुमेरु = गुरु/ब्रह्म — कभी न लांघें। 108 पर माला उल्टी मोड़कर वापस। लांघने = गुरु अपमान, फल नष्ट। अनजाने में: 'ॐ' 3 बार → जारी।
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