मंत्र जप में रीढ़ की हड्डी सीधी रखना क्यों जरूरी है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
कुंडलिनी मार्ग (सुषुम्ना = रीढ़), प्राण प्रवाह निर्बाध, 7 चक्र aligned, श्वास गहरी (फेफड़े खुले), एकाग्रता (alert)। सुखासन/पद्मासन — सहज सीधी, कठोर नहीं।
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