का सरल उत्तर
गीता 13.28 — सर्वव्यापी तो मूर्ति में भी। प्राण प्रतिष्ठा से चेतना आवाहन। आगम शास्त्र विस्तृत विधि। भागवत — अर्चा रूप भक्त हेतु। मूर्ति प्रतीक है; भाव से जीवंत।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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