का सरल उत्तर
नमः शिवाय को वेदों का सारतत्व इसलिए कहते हैं क्योंकि यह कृष्ण और शुक्ल यजुर्वेद दोनों में विद्यमान है — यह अनादि वैदिक ज्ञान का हृदय और लौकिक-पारलौकिक सुख देने वाला मंत्रराज है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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