का सरल उत्तर
नारद मुनि ने भगवान विष्णु को श्राप दिया था कि उन्हें पत्नी का वियोग सहना पड़ेगा — जो त्रेतायुग में राम-सीता वियोग के रूप में फलित हुआ। नारद को स्वयं दक्ष प्रजापति का श्राप था कि वे कहीं रुक नहीं सकते।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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