का सरल उत्तर
देवर्षि नारद ने: (1) पार्वती के विवाह का शिव से निश्चित होना बताया, (2) पंचाक्षर मंत्र (ॐ नमः शिवाय) का उपदेश दिया, (3) शिव की तपस्या की प्रेरणा दी। पार्वती ने राजमहल के सुख त्यागकर घोर तपस्या आरंभ की।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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