का सरल उत्तर
नरक के कष्टों का अंत — पाप-फल पूरा भोगने पर। 'नरक शाश्वत नहीं।' पुनर्जन्म मिलता है। परिजनों के वृषोत्सर्ग-गया-श्राद्ध से काल कम हो सकता है। पाप की मात्रा के अनुसार हजारों-लाखों वर्ष।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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