का सरल उत्तर
नरक के कष्टों का उद्देश्य — आत्मा की शुद्धि, कर्म-न्याय की पूर्ति, पाप से सबक और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करना। 'नरक शिक्षा-स्थल है — सजा-स्थल नहीं।' धर्माचरण की प्रेरणा देना।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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