का सरल उत्तर
नारायणास्त्र का कोई प्रतिकार नहीं है। एकमात्र उपाय है — सभी शस्त्र छोड़कर, मन से भी युद्ध का विचार त्यागकर, हाथ जोड़कर आत्मसमर्पण करना। ऐसा करने पर यह अस्त्र शांत हो जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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