का सरल उत्तर
नारायणास्त्र के चलते ही आकाश से लाखों चक्र, गदा, त्रिशूल, बाण आदि की एक साथ वर्षा होती थी जो लक्ष्य को चारों ओर से घेर लेते थे।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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