का सरल उत्तर
नासदीय सूक्त ऋग्वेद (१०।१२९) का दार्शनिक सूक्त है जिसमें ७ मन्त्रों में सृष्टि-पूर्व की अवस्था का वर्णन है। उस समय न सत् था, न असत् — केवल तमस था। पहले 'काम' उत्पन्न हुआ और सृष्टि आरम्भ हुई। यह विश्व-साहित्य में सृष्टि-रहस्य पर सबसे पुरानी दार्शनिक रचना है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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