का सरल उत्तर
नटराज में — डमरू = सृष्टि, अग्नि = संहार, अभय मुद्रा = भय-मुक्ति, उठा पैर = मोक्ष, अपस्मार = अज्ञान का नाश, अग्नि-वलय = ब्रह्माण्ड, नाग = कुण्डलिनी। समग्र मूर्ति ॐकार स्वरूप है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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