का सरल उत्तर
नवरात्रि जागरण: देवी पूजा-आरती → दुर्गा सप्तशती पाठ (सर्वोत्तम) → भजन-कीर्तन → 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' जप → देवी कथा → मध्यरात्रि ध्यान → प्रातः आरती-प्रसाद। अष्टमी/नवमी रात विशेष। सात्त्विक रहें।
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