का सरल उत्तर
नवधा भक्ति के नौ प्रकार हैं — श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पाद-सेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन। भागवत पुराण (7.5.23-25) में प्रह्लाद ने और रामचरितमानस में श्रीराम ने शबरी को इनका उपदेश दिया। इनमें से किसी एक को भी सच्चे भाव से अपनाने से मोक्ष संभव है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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