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सरल उत्तर

नवरात्रि पूजा से कुंडलिनी जागरण कैसे होता है?

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नवरात्रि में कुंडलिनी जागरण: कलश + अखंड ज्योति की ऊर्जा में नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' का जप → मूलाधार में सुप्त कुंडलिनी जाग्रत → षट्चक्रों का भेदन → चेतना का ऊर्ध्वरोहण → अंततः मोक्ष।

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सरल उत्तर: नवरात्रि पूजा से कुंडलिनी जागरण कैसे होता