ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

नील सरस्वती स्तोत्र का क्या महत्व है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

नील सरस्वती स्तोत्र: 22 मंत्रों का स्तुति ग्रंथ। 11 या 21 बार नियमित पाठ = विद्या, वाणी और वाक् सिद्धि का वरदान। मूल स्रोत = 'प्रच्छण्ड चण्डिकास्तोत्र' (मूलतः देवी चण्डिका के लिए)।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
पूजा विधि

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।

सरल उत्तर: नील सरस्वती स्तोत्र का क्या महत्व है?