का सरल उत्तर
कथा: महर्षि वशिष्ठ ने कठिन तप किया → तारा देवी प्रसन्न → नील सरस्वती के रूप में प्रकट होकर वशिष्ठ को सभी प्रकार के ज्ञान का वरदान दिया। वशिष्ठ = तारा देवी के पहले उपासक। नील सरस्वती = तारा विद्या का सबसे गुप्त पक्ष — गुरु-शिष्य परंपरा से प्राप्य।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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