का सरल उत्तर
नीलकंठ कवच रक्षणात्मक है (शरीर की रक्षा हेतु 'पातु' क्रियाएं); जबकि नीलकंठ अघोरास्त्र स्तोत्र उग्र और आक्रामक है जो रोग, विष और तांत्रिक बाधाओं को 'हन हन, दह दह' से नष्ट करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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