का सरल उत्तर
निर्गुण ब्रह्म = निराकार, गुणरहित, 'नेति नेति' (बृहदारण्यक 2.3.6) — ज्ञान मार्ग। सगुण ब्रह्म = साकार, गुणयुक्त (राम, कृष्ण, शिव) — भक्ति मार्ग। गीता 12.5 — निर्गुण कठिन, सगुण सरल। दोनों एक ही ब्रह्म के दो पहलू — जैसे जल और बर्फ।
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