का सरल उत्तर
निर्जला एकादशी: ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (भीमसेनी)। सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जल भी वर्जित। विष्णु पूजा + जप + रात्रि जागरण। द्वादशी में पारण (तुलसी जल → भोजन)। जलदान-पंखा-छाता दान। फल = 24 एकादशियों बराबर। सबसे कठोर व्रत।
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