सरस्वती रहस्य उपनिषद में निर्विकल्प समाधि का क्या वर्णन है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
उपनिषद श्लोक: जब मन सांसारिक मिथ्या विचारों से पूर्णतः मुक्त हो जाता है — वायु-रहित स्थान में दीपक की भाँति स्थिर हो जाता है। इसी को 'निर्विकल्प समाधि' कहते हैं जहाँ साधक वास्तविक स्वरूप पहचानकर सर्वोच्च आनंद पाता है।
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सरस्वती रहस्य उपनिषद
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