जैसे पारद सर्वाधिक चंचल धातु है और 'नियमन' संस्कार से स्थिर होता है — वैसे ही उस सिद्ध पारद शिवलिंग पर ध्यान से साधक का चंचल मन भी एकाग्र होता है। पारे का बंधन = मन का बंधन।
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